आरुद्रा नक्षत्र को समर्पित होकर बुधवार को श्रीस्वामी अम्मावार्ल का स्वर्णरथोत्सव अत्यंत वैभव के साथ आयोजित किया गया। आरुद्रोत्सव के भाग के रूप में सुबह-सुबह श्रीस्वामीवार को महान्यासपूर्वक एकादश रुद्राभिषेक, अन्नाभिषेक, विशेष पूजाएँ शास्त्रोक्त रूप से आयोजित की गईं।
स्वर्णरथोत्सव से पहले मंदिर के अर्चक लोककल्याणार्थ विशेष संकल्प किया। देश में शांति, सौभाग्य स्थापित हो, अतिवृष्टि–अनावृष्टि से बचाव हो, समय पर समृद्धि से वर्षा हो और फसलें प्रचुर मात्रा में उपजें, इसके लिए प्रार्थना की गई।
जनता के लिए आयु-आरोग्य हो और अकाल मृत्यु, अग्नि दुर्घटनाएँ, वाहन दुर्घटनाएँ जैसी अनर्थों से बचाव हो, इसके लिए देवताओं से प्रार्थना की गई। वेद मंत्रोच्चारण, भक्तों के शिवनामस्मरण के बीच सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ स्वर्णरथोत्सव गंगाधर मंडप से नंदी मंडप तक भव्यता के साथ जारी रहा।
रथोत्सव में कोलाटम, टप्पेट चिंदुल जैसी जनपद कला रूपों के साथ पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन विशेष आकर्षण के रूप में रहे।
इस कार्यक्रम में देवस्थानम के कार्यनिवाहक अधिकारी एम. श्रीनिवासराव दंपत्ति, सहायक कार्यनिवाहक अधिकारी एम. हरिदासु, अर्चकस्वामियों, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पर्यवेक्षक, स्टाफ और बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
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