रविवार की छुट्टी के कारण इंद्रकीलाद्रि पर स्थित श्री कनकदुर्गा माता के दर्शन के लिए भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। गर्मी की छुट्टियों के मद्देनजर सुबह 7 बजे से ही भक्तों की आमद में उल्लेखनीय वृद्धि होने से मंदिर परिसर भक्तों से भरा हुआ था।
भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर अधिकारियों ने उप कार्यकारी अधिकारी (डीईओ) किशोर कुमार के नेतृत्व में, सहायक आयुक्त रंगाराव की निगरानी में विशेष व्यवस्थाएँ कीं। मंदिर के एईओ चंद्रशेखर, वेंकट रेड्डी, रमेश ने कतारों की निरंतर निगरानी करते हुए भक्तों को किसी भी असुविधा का सामना न करने देने के लिए कदम उठाए।
भीड़ बढ़ने के कारण सामान्य भक्तों को जल्दी दर्शन कराने के लिए अधिकारियों ने सुबह 9 बजे से अंतराल दर्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया। साथ ही सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी प्रकार के वीआईपी दर्शन को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। इससे कतारों में खड़े सामान्य भक्तों को माता के दर्शन तेजी से और आसानी से प्राप्त हुए। गर्मी की तीव्रता को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने एक नई पानी की आपूर्ति प्रणाली लागू की। कतारों में खड़े भक्तों के पास मोबाइल वाटर कैन के माध्यम से ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया गया।
इस नवाचार के लिए भक्तों से विशेष प्रतिक्रिया मिली। धूप में खड़े रहने के दौरान उन्हें कतारों में ही पीने का पानी प्रदान करने पर उन्होंने खुशी व्यक्त की। इसी प्रकार मंदिर के आसपास मुफ्त प्रसाद और अन्नदान कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया गया।
दोपहर की गर्मी बढ़ने के साथ दोपहर 2 बजे के बाद भक्तों की भीड़ धीरे-धीरे कम होने लगी। इस दौरान धर्मार्थ मंडल के सदस्य और मंदिर अधिकारी स्वयं कतारों में जाकर भक्तों की सुविधाओं का निरीक्षण कर रहे थे। भक्तों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए तात्कालिक कदम उठाए गए। दूसरी ओर सहायक आयुक्त रंगाराव, प्रभारी ईओ के साथ मंदिर के कर्मचारी कतारों के प्रबंधन को क्षेत्र स्तर पर निगरानी करते हुए प्रभावी रूप से संचालित कर रहे थे। प्रबंधन समिति, अधिकारियों का समन्वय और कर्मचारियों की मेहनत के परिणामस्वरूप भारी भीड़ के बावजूद भक्तों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा और माता के दर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं और भक्तों को प्रदान की गई सुविधाओं पर आगंतुकों ने पूरी संतोष व्यक्त की।
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