Latest
मेक्सिको, अमेरिका के टैरिफ दबाव का मुकाबला करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ व्यापार सौदा करते हैं भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल और डीजल ₹10 तक बढ़ सकते हैं। लखनऊ में राहुल गांधी के खिलाफ "अपमानजनक" टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस में हंगामा, भाजपा पर तीखे विरोध का निशाना एक्स ने "कॉकरोच जनता पार्टी" का खाता निलंबित किया, भारत भर में राजनीतिक तूफान खड़ा किया त्विषा शर्मा मौत मामला: पति ने भागने के कई दिनों बाद जबलपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया मेक्सिको, अमेरिका के टैरिफ दबाव का मुकाबला करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ व्यापार सौदा करते हैं भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल और डीजल ₹10 तक बढ़ सकते हैं। लखनऊ में राहुल गांधी के खिलाफ "अपमानजनक" टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस में हंगामा, भाजपा पर तीखे विरोध का निशाना एक्स ने "कॉकरोच जनता पार्टी" का खाता निलंबित किया, भारत भर में राजनीतिक तूफान खड़ा किया त्विषा शर्मा मौत मामला: पति ने भागने के कई दिनों बाद जबलपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया

ईरान-इज़राइल युद्ध का असर… क्या भारत में खाद उत्पादन पर संकट आएगा? कृषि क्षेत्र में बढ़ी चिंता

ईरान-इज़राइल युद्ध के कारण क्या भारत में खाद्य उत्पादन प्रभावित होगा? कृषि क्षेत्र और उर्वरक आपूर्ति पर संभावित प्रभाव जानें।

Breaking News

नई दिल्ली, 9 मार्च,

पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो भारत में खाद (फर्टिलाइज़र) उत्पादन और आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है, जिससे कृषि क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। भारत खाद उत्पादन के लिए आवश्यक कई कच्चे पदार्थ जैसे प्राकृतिक गैस, अमोनिया और फॉस्फेट का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। इनमें से कई आपूर्तियां खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया से आती हैं। यदि युद्ध के कारण इन क्षेत्रों से सप्लाई प्रभावित होती है तो भारत में खाद उत्पादन पर दबाव बढ़ सकता है।

विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर परिवहन लागत बढ़ सकती है और आपूर्ति में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर खाद की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडार और आयात योजनाओं पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो आने वाले फसल सीजन में कृषि क्षेत्र पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है और आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।

Related Stories

Latest Articles

  1. मेक्सिको, अमेरिका के टैरिफ दबाव का मुकाबला करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ व्यापार सौदा करते हैं
  2. भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल और डीजल ₹10 तक बढ़ सकते हैं।
  3. लखनऊ में राहुल गांधी के खिलाफ "अपमानजनक" टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस में हंगामा, भाजपा पर तीखे विरोध का निशाना
  4. एक्स ने "कॉकरोच जनता पार्टी" का खाता निलंबित किया, भारत भर में राजनीतिक तूफान खड़ा किया
  5. त्विषा शर्मा मौत मामला: पति ने भागने के कई दिनों बाद जबलपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया
  6. एसपी–बीएसपी ने यूपी सरकार पर हमला बोला, गंभीर गर्मी की लहर से राज्य में बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ा
  7. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने वायरल क्राउडसोर्स्ड एंटी-करप्शन अभियान शुरू किया, बड़े ऑनलाइन बहस को जन्म दिया
  8. ईरान संकट ट्रम्प को बेटे की शादी छोड़ने पर मजबूर कर सकता है, कहते हैं "फेक न्यूज मुझे किसी भी तरह मार डालेगी"
  9. भारतीय महिला वैज्ञानिक ने वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में इतिहास रचा
  10. ईंधन की कीमतों में उछाल, गिरती हुई रुपये की कीमत भारत को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है; मध्य वर्ग पर गंभीर दबाव।
Comments

Sign in with Google to comment.