दुबई | 8 जुलाई: मध्य पूर्व में तनाव और अधिक बढ़ गया है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के सैन्य ठिकानों और नौसेना लक्ष्यों पर बड़े हमले किए, जिसके कुछ घंटों बाद ही ईरान ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की। ईरान ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्षित करके मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने की घोषणा की।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी पांचवें नौसेना केंद्र और कुवैत में अली अल सलम एयरबेस को निशाना बनाया। इसके अलावा, उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को भी गिराने की घोषणा की।
हमलों के मद्देनजर, बहरीन और कुवैत ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सतर्क कर लिया है और आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
इस बीच, अमेरिका ने ईरान के 60 से अधिक सैन्य केंद्रों, मिसाइल प्रणालियों और नौसेना ठिकानों पर हमले किए हैं। होर्मुज जलसंधि में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ये कार्रवाई की है।
ये नवीनतम घटनाक्रम मध्य पूर्व क्षेत्र को एक बार फिर युद्ध के कगार पर ले आए हैं। खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर और अधिक हमलों की आशंका जताई जा रही है। इसी समय, होर्मुज जलसंधि के माध्यम से होने वाले तेल परिवहन पर प्रभाव पड़ने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
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