वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका–ईरान के बीच एक बार फिर तनाव गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। होर्मुज जलसंधि के निकट ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में अमेरिका ने हाल ही में वायु हमले किए हैं। बंदर अब्बास, जास्क, चाबहार, सिरिक, किश्म सहित अन्य क्षेत्रों में विस्फोट होने की जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है। अमेरिका के केंद्रीय कमान के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के रडार, वायु रक्षा, संचार प्रणालियों और समुद्री लक्ष्यों पर हमले हुए हैं।
अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने भी मिसाइलों और ड्रोन के जरिए क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। विशेष रूप से जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले होने की जानकारी ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दी है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनके कर्मियों में कोई जनहानि नहीं हुई है। जॉर्डन की सेना ने 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को रोकने की जानकारी दी है, जबकि शेष तीन जनवासों से दूर गिरी हैं।
होर्मुज जलसंधि में वाणिज्यिक नौकाओं पर ईरान के हमलों के प्रयासों और समुद्र में माइनों को स्थापित करने के प्रयासों के जवाब में अमेरिका ने हालिया हमले किए हैं। इन घटनाक्रमों के साथ, दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक होर्मुज जलसंधि पर चिंताएँ और बढ़ गई हैं।
ईरान ने अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए और अधिक कठोर प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। हालिया घटनाक्रम कुछ हफ्तों से चल रही सापेक्ष शांति को समाप्त कर सकते हैं, और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों का मानना है कि यह अमेरिका–ईरान संघर्ष को एक बार फिर व्यापक क्षेत्रीय संकट में बदलने का खतरा पैदा कर सकता है।
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