न्यू दिल्ली, 15 जुलाई: भारत और ब्रिटेन के बीच हुए समग्र आर्थिक, वाणिज्यिक समझौते (सीईटीए) के बुधवार से लागू होने के साथ, ब्रिटेन में निर्मित कुछ लग्जरी कारों की कीमतें भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण रूप से घटने वाली हैं। अब तक 110 प्रतिशत तक रहे आयात शुल्क को 30 प्रतिशत तक घटाने से हाई-एंड कारों के खरीदारों को भारी राहत मिलने वाली है।
इस निर्णय से ब्रिटेन की प्रमुख लग्जरी कार निर्माता कंपनियों जैसे रोल्स-रॉयस, ऑस्टिन मार्टिन, मैकलारेन, जगुआर लैंड रोवर जैसे ब्रांडों के पूरी तरह से आयातित वाहनों की कीमतें 20 से 25 प्रतिशत तक घटने की संभावना है, ऐसा बाजार के सूत्रों का अनुमान है। मॉडल के अनुसार, प्रत्येक वाहन पर 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक की बचत होने की संभावना है।
हालांकि, यह शुल्क छूट ब्रिटेन से आने वाले सभी वाहनों पर लागू नहीं होगी। केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) के दायरे में आयातित कारों के लिए ही यह लाभ उपलब्ध होगा। पहले वर्ष में 10,000 पूरी तरह से निर्मित पेट्रोल और डीजल कारों के लिए यह छूट लागू होगी।
इसी प्रकार, अगले 15 वर्षों में इस कोटे को क्रमिक रूप से बढ़ाने के साथ-साथ आयात शुल्क को भी चरणबद्ध तरीके से 30 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक घटाने की योजना है।
इससे भविष्य में ब्रिटिश लग्जरी कारों के लिए भारतीय बाजार में और अधिक मांग बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। वहीं, ब्रिटेन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह छूट तुरंत लागू नहीं होगी। समझौते के लागू होने के पांचवें वर्ष से ही ईवी पर कमी शुल्क लागू होने वाले हैं। घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण उद्योग को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ही यह निर्णय लिया गया है, ऐसा केंद्रीय सरकार ने स्पष्ट किया है।
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