हिंदू परंपरा में अत्यंत पवित्र उपवासों में से एक Papamochani Ekadashi इस वर्ष 15 मार्च को आचरित किया जा रहा है। पापों से मुक्ति दिलाने और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का विश्वास रखने वाली इस पवित्र एकादशी के अवसर पर देशभर में भक्त उपवास, पूजा, जप के साथ भगवान की आराधना करने के लिए तैयार हो रहे हैं। पुराणों के अनुसार, पापमोचनी एकादशी व्रत का पालन करने से मनुष्यों द्वारा किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से इस दिन भगवान विष्णु की भक्तिभाव से पूजा करने से आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है, ऐसा पंडितों का कहना है। इस व्रत को आचरित करने वाले सुबह स्नान करके विष्णुमूर्ति को विशेष पूजा करते हैं। पूरे दिन उपवास रहकर विष्णु सहस्रनाम, भजन, प्रार्थनाएँ करते हुए भगवान की कृपा की कामना करते हैं। अगले दिन द्वादशी तिथि में उपवास का समापन करते हैं। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, इस एकादशी व्रत के माध्यम से महर्षियों और देवताओं ने भी पापों से मुक्ति प्राप्त की थी। इसलिए इस दिन उपवास रखना, दान करना, पुण्य कार्य करना अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। देश के कई तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर, भद्राचलम मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक करने के लिए व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुँचकर प्रार्थना करेंगे, ऐसा अधिकारियों ने बताया। आध्यात्मिकता, विश्वास, भक्ति का संगम होने वाला यह पवित्र दिन भक्तों को केवल पाप मुक्ति नहीं, बल्कि मन को शांति और जीवन के लिए धर्म की शिक्षा भी प्रदान करता है, ऐसा पंडितों का कहना है।
पापमोचन एकादशी 2026: पापों से मुक्ति दिलाने वाला पवित्र व्रत.. इस दिन इस प्रकार आचरण करने से विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
पापमोचनी एकादशी 2026 का आयोजन 15 मार्च को किया जाएगा। भक्तों का मानना है कि भगवान विष्णु को समर्पित यह पवित्र व्रत पापों को धोने और आध्यात्मिक आशीर्वाद लाने में मदद करता है।
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