हैदराबाद: श्रावण मास की शुरुआत होते ही त्योहारों की धूमधाम शुरू हो गई है। महिलाएं अत्यंत भक्ति भाव से आचरित करने वाले वरलक्ष्मी व्रत के बारे में इस वर्ष अगस्त 21 या अगस्त 28 में से किस दिन करना है, इस पर भक्तों में संदेह उत्पन्न हो गया है।
तेलुगु पंचांग और आगम शास्त्रों के अनुसार सामान्यतः श्रावण पूर्णिमा से पहले आने वाले शुक्रवार को वरलक्ष्मी व्रत का आचरित करना परंपरा के अनुसार जारी है। इसलिए दो तिथियों का उल्लेख केवल व्रत करने के समय के कारण है। धर्मशास्त्र विशेषज्ञों का सुझाव है कि भक्त अपने परिवार की परंपरा, गुरु या स्थानीय मंदिर के अर्चक की सलाह के अनुसार तिथि का निर्णय लें। हालांकि इस बार श्रावण मास में पांच शुक्रवार आने के कारण तिथि के मामले में भिन्नाभिप्राय व्यक्त हो रहे हैं।
पंडितों के अनुसार, अगस्त 28 को पूर्णिमा तिथि सुबह तक बनी रहेगी, इसलिए सुबह के समय व्रत करने वाले उस दिन वरलक्ष्मी व्रत का आचरित करना शास्त्रोक्त है। वहीं, शाम को व्रत पूजा करने की परंपरा का पालन करने वाले यह सुझाव दे रहे हैं कि पूर्णिमा तिथि शाम को न होने के कारण अगस्त 21 को व्रत का आयोजन करना उचित है।
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