विनायक को देखने गए भक्तों के लिए वहाँ जो दृश्य दिखाई दिया, उसने उन्हें एकदम हैरान कर दिया! बप्पा की किरीट से लेकर गले में पड़े माला तक, हर जगह केवल करेंसी नोट ही नोट दिखाई दे रहे थे! तेलंगाना के पालवंच में दो गणपति की मूर्तियों को मिलाकर ₹2.90 करोड़ के नोटों से सजाने का मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
भद्राद्री कोत्तागुडेम जिले के पालवंच में कापू समुदाय द्वारा आयोजित गणपति को ₹1.40 करोड़ के नोटों से सजाया गया है। दूसरी ओर, 'टीम एकदंता यूथ' द्वारा स्थापित गणनाथ को ₹1.50 करोड़ के मूल्य के करेंसी नोटों से सजाया गया है।
फूल नहीं.. फल नहीं.. सीधे करोड़ों रुपये के नोट! गणपति की किरीट, हार, मंडप के चारों ओर नोटों से की गई सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। स्थानीय व्यापारियों और भक्तों के सहयोग से बैंकों से एकत्रित किए गए करेंसी नोटों का उपयोग सजावट में किया गया है।
इस 'करेंसी गणपति' से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण पालवंच का नाम अचानक ट्रेंडिंग में आ गया है। भक्तों की तुलना में बप्पा को देखने के लिए आने वालों की अपेक्षा नोटों की सजावट को देखने के लिए अधिक लोग रुचि दिखा रहे हैं, ऐसा नेटिज़न्स का कहना है।
इसी समय वारंगल शिवनगर में भी ₹1.91 करोड़ के मूल्य के करेंसी नोटों से गणेश मंडप को सजाने की सूचना है। इस प्रकार, इस वर्ष तेलंगाना में विनायक चविती समारोहों में 'करेंसी गणपति' सजावट एक विशेष वायरल विषय बन गई है।
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