न्यू दिल्ली: पाकिस्तान चीन से जे-35 पांचवी पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट्स को हासिल करने की कोशिश कर रहा है, वहीं भारत-रूस के बीच एक और महत्वपूर्ण रक्षा चर्चा सामने आई है। रूस की अत्याधुनिक एसयू-57 पांचवी पीढ़ी के युद्ध विमानों को भारत को बेचने का प्रस्ताव अब रणनीतिक रूप से महत्व प्राप्त कर चुका है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के संदर्भ में एसयू-57 का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया। भारत के साथ इन युद्ध विमानों की बिक्री पर चर्चाएं चल रही हैं, यह जानकारी क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने 8 सितंबर को दी। इससे दिल्ली-मॉस्को रक्षा साझेदारी पर एक बार फिर रुचि बढ़ी है।
वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास कोई ऑपरेशनल पांचवी पीढ़ी का फाइटर जेट नहीं है। स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, फिर भी इसे पूर्ण स्तर की सेवा में आने में अभी समय लगने की संभावना है। इस गैप को भरने के लिए सीमित संख्या में एसयू-57 को तेजी से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रूस की ओर से सामने आया है।
स्टेल्थ डिज़ाइन, अत्याधुनिक सेंसर, दूर के हथियार ले जाने की क्षमता, उच्च गति, चपलता जैसे गुण एसयू-57 में मौजूद हैं, ऐसा रूस का कहना है। इसके अलावा, भारत में ही उत्पादन, तकनीकी सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसे पहलुओं के साथ प्रस्ताव को आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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