खरगोन, 15 अगस्त 2026:
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद सभास्थल पर गंगाजल छिड़ककर और हवन के जरिए कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस घटना को सामाजिक समानता, दलित सम्मान और संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इस मुद्दे को लेकर खरगोन में जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रवि जोशी तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक ने किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित शुद्धिकरण की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे सामाजिक भेदभाव की मानसिकता का प्रतीक बताया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान देता है। ऐसे में किसी राजनीतिक नेता की सभा के बाद धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से सभास्थल को ‘शुद्ध’ किए जाने की कथित घटना समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं दलित समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता के विचारों के विपरीत हैं। कांग्रेस ने मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और समाज में भेदभाव पैदा करने वाली मानसिकता के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर चलता है तथा किसी भी व्यक्ति के साथ जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। हल्द्वानी की कथित घटना को लेकर कांग्रेस ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध जारी रखने का संकेत दिया है।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं दलित समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता के विचारों के विपरीत हैं। कांग्रेस ने मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और समाज में भेदभाव पैदा करने वाली मानसिकता के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया जाए।
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