न्यू दिल्ली, 26 जुलाई: इथेनॉल मिलाकर पेट्रोल (E20) नीति के खिलाफ दिल्ली टैक्सी, पर्यटन, और टूर ऑपरेटर संघ केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष के लिए तैयार हो गया है। संघ ने 4 अगस्त को संसद तक एक विशाल पदयात्रा आयोजित करने की घोषणा की है। संघ ने आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण वाहनों की माइलेज घट रही है, इंजन की प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है, और रखरखाव की लागत बढ़ रही है, जैसी समस्याओं का सामना देशभर में परिवहन क्षेत्र के लोगों को करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टर्स संघ के अध्यक्ष संजय साम्राट ने कहा, "जब लोग पूरी कीमत चुका कर पेट्रोल खरीद रहे हैं, तो क्यों केवल इथेनॉल मिलाकर ईंधन ही उपलब्ध कराया जा रहा है? केंद्र ईंधन की कीमतें बढ़ाते हुए गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाली स्थिति क्यों पैदा कर रहा है?"
उन्होंने बताया कि इथेनॉल 20 नीति लागू होने के बाद देश के कई राज्यों से वाहन मालिकों की शिकायतें आ रही हैं कि ईंधन की क्षमता घट गई है, और वाहनों के रखरखाव की लागत बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से इस नीति की पुनः समीक्षा करने और वाहन चालकों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की।
4 अगस्त को होने वाली पदयात्रा में देशभर से टैक्सी ड्राइवर, टूर ऑपरेटर, और ट्रांसपोर्ट संघों के बड़े पैमाने पर भाग लेने की संभावना है, आयोजकों ने बताया। इस आंदोलन के साथ इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर चर्चा शुरू होने की संभावनाएं नजर आ रही हैं।
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